jai bheem

मेरी कलम से *जुबां भीम की*
अगर मैं तेरे बारे में, कुछ भी ना सोचा होता,
तो एक बगंला मेरा भी, आसमां छु रहा होता।
मेरी भी गिनती होती, दस सबसे बड़े अमीरो में,
और आज मेरा भी फोटो, नोटो पर छपा होता ।।

Comments