"राज छंद" में पहला प्रयास

"राज छंद" में पहला प्रयास
प्यारी-प्यारी, रंग-बिरंगी,
रंग-बिरंगी,तितली आई,
तितली आई,फूल खिले तब,
फूल खिले तब,भौर हुई जब।
छटा अंधेरा,सूरज निकला,
सूरज निकला,पंछी चहके,
पंछी चहके,नींद खुली तब,
नींद खुली तब,भौर हुई जब।
सनी लाखीवाल
"सुप्रभात"

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