पुलवामा हमले के जोश में लिखी एक कविता

56 इंची सीने का मोदी जोर अब दिखला दो। 
एक शेर बदले,सौ गीदड़ मारकर के दिखला दो।। 
रोज-रोज की माथा-फोड़ी बंद करो अब मोदी जी, 
कुत्ते की औकात क्या होती एक बार में बतला दो।। 

अपना ही कपूत समझकर बार-बार हम छोड़ दिये। 
इसीलिए तो उस द्रुत ने सेना पर बारूद फोड़ दिये।। 
ईंट से ईंट बजाकर मोदी, अब जवाब देना होगा,
शहीदों के रक्त के हर कतरे का अब हिसाब लेना होगा।। 

खून के बदले खून पाक अब तेरा हम बहायेंगे। 
आने वाली होली पहले तुझको हम जलायेंगे।। 
क्या सोचा कायर हैं हम,तेरे  हर वार को सह लेगें।
सून कुत्ते पाकिस्तान सिर्फ अब तेरे खून से नहायेंगे।। 

ओम शांति  बहुत गा लिए अब अंगार उगलने दो। 
क्रोध से आग लगी जो भीतर अब वो बाहर निकलने दो।। 
आज्ञा दे दो मोदी जी कि पाक श्मशान बना दे हम, 
बदला लेना क्या होता हैं बदला ले बतला दे हम।। 

सनी लाखीवाल 
राजपुरा(शाहपुरा)जयपुरJ

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